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मंगलवार, 4 अगस्त 2026

डॉ. मनसुख मांडविया ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के पदक विजेताओं को किया सम्मानित, खिलाड़ियों से बोले- अगली पीढ़ी के गुरु बनें

 

कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के पदक विजेता खिलाड़ियों को सम्मानित करते केंद्रीय खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया

04 अगस्त 2026

 खेल | कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 | News Files

नई दिल्ली: केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने मंगलवार को कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में ऐतिहासिक प्रदर्शन करने वाले भारतीय मुक्केबाजों, जूडो खिलाड़ियों और पैरा-एथलीटों को सम्मानित किया। इस अवसर पर उन्होंने खिलाड़ियों से केवल पदक जीतने तक सीमित न रहने, बल्कि भविष्य में देश के युवा खिलाड़ियों का मार्गदर्शन करने और खेल अकादमियां स्थापित कर नई प्रतिभाओं को तैयार करने का आह्वान किया।

समारोह के दौरान डॉ. मांडविया ने कहा कि भारत का लक्ष्य केवल अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पदक जीतना नहीं, बल्कि विश्व खेल महाशक्ति बनना है। इसके लिए अनुभवी खिलाड़ियों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होगी।


₹36,000 करोड़ की विस्तारित खेलो इंडिया योजना का किया उल्लेख

डॉ. मांडविया ने बताया कि केंद्र सरकार ने विस्तारित खेलो इंडिया योजना के लिए 36,000 करोड़ रुपये का निवेश किया है। उन्होंने कहा कि यह निवेश आने वाले वर्षों में भारतीय खेलों के बुनियादी ढांचे, प्रशिक्षण और प्रतिभा विकास को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएगा।

उन्होंने खिलाड़ियों से कहा कि सक्रिय खेल जीवन समाप्त होने के बाद वे खेल अकादमियां चलाकर देश के युवाओं को प्रशिक्षित करें और भारत के लिए नई पीढ़ी के चैंपियन तैयार करें।

"सरकारी नौकरी नहीं, भारत पहले होना चाहिए लक्ष्य"

खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा,

"हमारा उद्देश्य केवल कॉमनवेल्थ गेम्स का पदक जीतकर सरकारी नौकरी प्राप्त करना नहीं होना चाहिए। आपका लक्ष्य हमेशा 'इंडिया फर्स्ट' होना चाहिए।"

उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों को अपने अनुभव और संघर्ष को अगली पीढ़ी तक पहुंचाना चाहिए ताकि देश में खेल संस्कृति और मजबूत हो सके।

एशियाई खेल 2026 के लिए दिया बड़ा लक्ष्य

डॉ. मांडविया ने खिलाड़ियों से एशियाई खेल 2026 में और बेहतर प्रदर्शन करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि जिन्होंने स्वर्ण पदक जीता है, वे अपनी सफलता को बरकरार रखें, जबकि रजत और कांस्य पदक विजेता अगली बार स्वर्ण जीतने का लक्ष्य बनाएं।

उन्होंने खिलाड़ियों को अपने कोचों के योगदान को कभी न भूलने की भी सलाह दी और कहा कि गुरु का मार्गदर्शन ही खिलाड़ी को महान बनाता है।


भारतीय मुक्केबाजों ने रचा इतिहास

कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारतीय मुक्केबाजी दल ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 10 पदक अपने नाम किए। इनमें 7 स्वर्ण और 3 रजत पदक शामिल रहे। यह भारतीय महिला मुक्केबाजी का भी अब तक का सर्वश्रेष्ठ कॉमनवेल्थ प्रदर्शन रहा।

स्वर्ण पदक विजेता मुक्केबाज

  • प्रीति पवार (54 किग्रा)
  • जैस्मीन लम्बोरिया (57 किग्रा)
  • साक्षी चौधरी (51 किग्रा)
  • प्रिया घंघास (60 किग्रा)
  • अरुंधति चौधरी (70 किग्रा)
  • सचिन सिवाच (60 किग्रा)
  • अंकुश पंघाल (80 किग्रा)

रजत पदक विजेता

  • जादूमणि सिंह (55 किग्रा)
  • लवलीना बोरगोहेन (75 किग्रा)
  • नरेंद्र बेरवाल (90+ किग्रा)


जूडो में भारत का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन

भारतीय जूडो दल ने भी इतिहास रचते हुए 4 पदक जीते, जिनमें 2 स्वर्ण, 1 रजत और 1 कांस्य पदक शामिल रहे। यह कॉमनवेल्थ गेम्स में जूडो में भारत का अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है।

अस्मिता डे कॉमनवेल्थ गेम्स में स्वर्ण जीतने वाली पहली भारतीय महिला जूडो खिलाड़ी बनीं, जबकि हर्ष सिंह पहले भारतीय पुरुष जूडो खिलाड़ी बने जिन्होंने यह उपलब्धि हासिल की।

पैरा एथलेटिक्स में भी शानदार सफलता

ग्लासगो में भारतीय पैरा-एथलीटों ने भी बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए भारत के लिए कई महत्वपूर्ण पदक जीते। केंद्रीय खेल मंत्री ने इसे भारतीय पैरा खेलों के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि बताया।

विजेताओं को मिली नकद पुरस्कार राशि

सम्मान समारोह में खिलाड़ियों को निम्नानुसार नकद पुरस्कार प्रदान किए गए:

  • 🥇 स्वर्ण पदक – 30 लाख रुपये
  • 🥈 रजत पदक – 20 लाख रुपये
  • 🥉 कांस्य पदक – 10 लाख रुपये

सरकारी योजनाओं का मिला लाभ

सरकार ने बताया कि इन खिलाड़ियों को खेलो इंडिया, टारगेट ओलंपिक पोडियम स्कीम (TOPS), एनुअल कैलेंडर फॉर ट्रेनिंग एंड कम्पटीशन (ACTC), भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) के राष्ट्रीय उत्कृष्टता केंद्रों, अंतरराष्ट्रीय प्रशिक्षण, आधुनिक उपकरण और कोचिंग जैसी सुविधाओं का लाभ मिला, जिसने उनके प्रदर्शन को नई ऊंचाई तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

निष्कर्ष

कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारतीय खिलाड़ियों के शानदार प्रदर्शन ने एक बार फिर साबित किया है कि भारत वैश्विक खेल मंच पर तेजी से अपनी पहचान मजबूत कर रहा है। सरकार का बढ़ा हुआ निवेश, आधुनिक प्रशिक्षण व्यवस्था और खिलाड़ियों का समर्पण आने वाले एशियाई खेलों और ओलंपिक में भारत की पदक संभावनाओं को और मजबूत करेगा।

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