नई दिल्ली | न्यूज फाइल
इस वर्ष 15 अगस्त को राष्ट्रपति भवन में आयोजित होने वाले पारंपरिक 'एट होम' (At Home) समारोह में आने वाले विशिष्ट अतिथियों का स्वागत भारतीय संस्कृति और हस्तशिल्प की अनूठी पहचान हाथ से बुने महेश्वरी स्टोल से किया जाएगा। राष्ट्रपति सचिवालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने इसकी जानकारी देते हुए बताया कि इस पहल का उद्देश्य भारत की समृद्ध पारंपरिक बुनाई और शिल्प कला को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान देना है।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा आयोजित इस वार्षिक समारोह में देश के विभिन्न क्षेत्रों से आमंत्रित विशिष्ट अतिथि शामिल होते हैं। इस बार समारोह में भारतीय सांस्कृतिक विरासत को विशेष रूप से प्रदर्शित करने पर जोर दिया गया है।
महेश्वरी स्टोल से होगा पारंपरिक स्वागत
राष्ट्रपति की उप प्रेस सचिव नविका गुप्ता ने बताया कि 15 अगस्त को राष्ट्रपति भवन पहुंचने वाले सभी अतिथियों का स्वागत विशेष रूप से तैयार किए गए हाथ से बुने महेश्वरी स्टोल को ओढ़ाकर किया जाएगा।
महेश्वरी स्टोल मध्य प्रदेश के ऐतिहासिक शहर महेश्वर की प्रसिद्ध हस्तकरघा परंपरा का प्रतीक माना जाता है। इसकी बारीक बुनाई, आकर्षक डिज़ाइन और पारंपरिक शिल्पकला देश-विदेश में अपनी अलग पहचान रखती है।
निमंत्रण पैकेज में दिखेगी भारत की सांस्कृतिक विविधता
इस वर्ष स्वतंत्रता दिवस समारोह के आमंत्रण पैकेज को भी भारतीय कला और संस्कृति की झलक के अनुरूप तैयार किया गया है। इसमें छत्तीसगढ़, गोवा, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र की समृद्ध लोककला और पारंपरिक हस्तशिल्प से प्रेरित डिज़ाइन शामिल किए गए हैं।
इस पहल के माध्यम से भारत की विविध सांस्कृतिक विरासत को राष्ट्रीय मंच पर प्रदर्शित करने का प्रयास किया गया है।
'वोकल फॉर लोकल' और हस्तशिल्प को मिलेगा बढ़ावा
विशेषज्ञों का मानना है कि राष्ट्रपति भवन जैसे प्रतिष्ठित मंच पर भारतीय हस्तकरघा उत्पादों को स्थान मिलने से देश के बुनकरों और पारंपरिक कारीगरों को नई पहचान मिलेगी। साथ ही यह पहल 'वोकल फॉर लोकल' और 'मेक इन इंडिया' जैसे अभियानों को भी मजबूती प्रदान करेगी।
हर साल होता है विशेष 'एट होम' समारोह
स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर राष्ट्रपति भवन में आयोजित 'एट होम' समारोह देश की प्रमुख परंपराओं में शामिल है। इसमें विभिन्न क्षेत्रों के विशिष्ट नागरिक, पद्म पुरस्कार विजेता, सैनिक, खिलाड़ी, कलाकार, वैज्ञानिक, सामाजिक कार्यकर्ता, जनप्रतिनिधि और अन्य सम्मानित अतिथि आमंत्रित किए जाते हैं।
इस वर्ष महेश्वरी स्टोल के माध्यम से भारतीय हस्तशिल्प और सांस्कृतिक विरासत को सम्मान देने की यह पहल समारोह का विशेष आकर्षण बनने जा रही है।

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