लेह/जम्मू, 21 अगस्त 2026: भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर ने शुक्रवार को लद्दाख के ऐतिहासिक थिकसे मठ का दौरा किया। अपनी लद्दाख यात्रा के दौरान उन्होंने मठ के विभिन्न मंदिरों को देखा और वहां मौजूद बौद्ध भिक्षुओं से बातचीत कर क्षेत्र की संस्कृति और आध्यात्मिक परंपराओं को समझने की कोशिश की।
आध्यात्मिक अनुभव के लिए पहुंचे राजदूत
मठ से जुड़े एक भिक्षु के अनुसार, सर्जियो गोर का दौरा मुख्य रूप से आध्यात्मिक अनुभव और लद्दाख की संस्कृति को समझने पर केंद्रित था। उन्होंने करीब आधे घंटे तक मठ परिसर में समय बिताया और वहां के मंदिरों तथा परंपराओं के बारे में जानकारी ली।
भिक्षु ने बताया कि अमेरिकी राजदूत इस यात्रा के दौरान काफी प्रसन्न नजर आए। उन्होंने लद्दाख की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत में रुचि दिखाई।
15वीं सदी का है थिकसे मठ
थिकसे मठ लद्दाख के प्रमुख बौद्ध मठों में शामिल है। यह पहाड़ी पर स्थित है और अपनी वास्तुकला के लिए भी प्रसिद्ध है। इसे अक्सर तिब्बत के पोटाला पैलेस जैसी स्थापत्य शैली से जोड़ा जाता है।
लद्दाख प्रशासन की पर्यटन वेबसाइट के अनुसार, थिकसे क्षेत्र के प्रमुख मठों और पर्यटन स्थलों में शामिल है, जहां देश-विदेश से पर्यटक पहुंचते हैं।
लद्दाख की संस्कृति और विरासत में बढ़ती वैश्विक दिलचस्पी
सर्जियो गोर का थिकसे मठ दौरा ऐसे समय हुआ है जब लद्दाख की बौद्ध विरासत, संस्कृति और पर्यटन को वैश्विक स्तर पर बढ़ावा देने पर जोर दिया जा रहा है। लद्दाख प्रशासन भी क्षेत्र की धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण को पर्यटन विकास का महत्वपूर्ण हिस्सा मानता है।
अमेरिकी राजदूत की इस यात्रा को केवल पर्यटन गतिविधि के तौर पर नहीं देखा जा रहा, बल्कि यह लद्दाख की अनूठी सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत के प्रति अंतरराष्ट्रीय रुचि को भी दर्शाती है।
स्रोत: ताजा मीडिया रिपोर्ट्स और लद्दाख प्रशासन की पर्यटन संबंधी आधिकारिक जानकारी। (DD India)

कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें