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रायपुर, 19 अगस्त। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से सामने आया यह मामला बेहद गंभीर और चिंताजनक है। पुलिस के अनुसार, एक 16 वर्षीय नाबालिग लड़की के साथ उसके पिता द्वारा कथित तौर पर बार-बार यौन शोषण किया गया। आरोप है कि नाबालिग के गर्भवती होने के बाद उसकी उम्र और वैवाहिक स्थिति छिपाने के लिए फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल कर उसे बालिग और विवाहित बताया गया, जिसके आधार पर अस्पताल में उसका प्रसव कराया गया।
पुलिस के मुताबिक, मामले का खुलासा होने के बाद जांच तेज की गई और अब तक नाबालिग के पिता, उसकी एक रिश्तेदार और एक नर्स समेत आठ लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
फर्जी दस्तावेजों से नाबालिग को बताया गया बालिग
पुलिस के अनुसार, आरोपी पिता ने कथित तौर पर नाबालिग की वास्तविक उम्र छिपाने के लिए दस्तावेजों में हेरफेर कराया। उसे अस्पताल में बालिग और विवाहित महिला के तौर पर पेश किए जाने का आरोप है।
इसी आधार पर अस्पताल में उसकी डिलीवरी कराई गई। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि फर्जी दस्तावेज किस तरह तैयार किए गए और इस पूरी प्रक्रिया में किन-किन लोगों की भूमिका रही।
एक बार गर्भपात कराने का भी आरोप
जांच में यह आरोप भी सामने आया है कि नाबालिग को इससे पहले कथित तौर पर गर्भपात कराने के लिए मजबूर किया गया था। इसके बाद वह दोबारा गर्भवती हुई और उसने एक बच्चे को जन्म दिया।
नवजात को बेचने का आरोप
पुलिस के अनुसार, नाबालिग द्वारा जन्म दिए गए नवजात बेटे को बाद में किसी अन्य व्यक्ति को बेच दिया गया। इस आरोप की भी जांच की जा रही है और पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि बच्चे को किसे सौंपा गया, इसके बदले क्या लेन-देन हुआ और इसमें कौन-कौन लोग शामिल थे।
8 लोगों की गिरफ्तारी, जांच जारी
मामला सामने आने के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए अब तक आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें नाबालिग का पिता, उसकी बुआ/रिश्तेदार और एक नर्स भी शामिल बताए गए हैं।
पुलिस पूरे मामले में दस्तावेजों, अस्पताल में भर्ती और प्रसव से जुड़े रिकॉर्ड तथा नवजात को कथित तौर पर सौंपे जाने की प्रक्रिया की जांच कर रही है। मामले में आगे और गिरफ्तारियां होने की संभावना से भी इनकार नहीं किया गया है।
नाबालिग की पहचान सार्वजनिक नहीं की गई
नाबालिग पीड़िता की पहचान कानून के तहत सार्वजनिक नहीं की जा सकती। ऐसे मामलों में पीड़िता की निजता और गरिमा की रक्षा करना बेहद जरूरी है।
News Files की अपील: नाबालिग पीड़िता या उसके परिवार की पहचान बताने वाली कोई भी जानकारी, फोटो या वीडियो सोशल मीडिया पर साझा न करें।
तथ्य-जांच नोट: यह खबर उपलब्ध पुलिस संबंधी जानकारी के आधार पर तैयार की गई है। मामले में लगाए गए आरोपों की अंतिम पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी। आरोपितों को दोषी सिद्ध होने तक कानून की नजर में आरोपी माना जाता है।
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