नई दिल्ली | 13 जुलाई 2026
केंद्रीय वस्त्र मंत्रालय (Ministry of Textiles), भारत सरकार द्वारा आयोजित 'Weave the Future 4.0 – Upcycling Edition' प्रदर्शनी का सोमवार 13 जुलाई 2026 को केंद्रीय वस्त्र मंत्री गिरिराज सिंह ने नई दिल्ली स्थित दिल्ली हाट (INA) में दौरा किया। इस अवसर पर उन्होंने भारत की समृद्ध हस्तकरघा और हस्तशिल्प परंपराओं को सतत (Sustainable) और परिपत्र (Circular) अर्थव्यवस्था के निर्माण में अत्यंत महत्वपूर्ण बताया।
यह प्रदर्शनी विकास आयुक्त (हथकरघा) कार्यालय, वस्त्र मंत्रालय द्वारा आयोजित की गई है और इसका उद्देश्य वस्त्र अपशिष्ट (Textile Waste) के प्रबंधन, पुनर्चक्रण (Recycling), पुनः उपयोग (Reuse), अपसाइक्लिंग (Upcycling) तथा सर्कुलर डिज़ाइन (Circular Design) को बढ़ावा देना है।
17 जुलाई तक आम जनता के लिए खुली रहेगी प्रदर्शनी
Weave the Future 4.0 – Upcycling Edition का आयोजन 12 जुलाई से 17 जुलाई 2026 तक दिल्ली हाट, INA, नई दिल्ली में किया जा रहा है। छह दिवसीय इस प्रदर्शनी में देशभर से 100 से अधिक ब्रांड, कारीगर, डिजाइनर, मेकर, रीसाइक्लर, थ्रिफ्ट कलेक्टिव और नवाचार से जुड़े उद्यमी भाग ले रहे हैं।
यह आयोजन भारतीय हस्तकरघा, पारंपरिक शिल्प और आधुनिक नवाचारों को एक मंच पर लाकर पर्यावरण-अनुकूल वस्त्र उद्योग की दिशा में महत्वपूर्ण प्रयास माना जा रहा है।
गिरिराज सिंह ने क्या कहा?
प्रदर्शनी को संबोधित करते हुए केंद्रीय वस्त्र मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा कि वस्त्रों की बढ़ती खपत के साथ अब यह आवश्यक हो गया है कि भारत सर्कुलर इकोनॉमी, जिम्मेदार उत्पादन (Responsible Production) और नवाचार आधारित समाधानों को तेजी से अपनाए।
उन्होंने कहा कि 'Weave the Future 4.0' जैसे कार्यक्रम यह दर्शाते हैं कि किस प्रकार उद्यमिता, नवाचार और पर्यावरण संरक्षण एक साथ मिलकर न केवल आर्थिक अवसर पैदा कर सकते हैं बल्कि पर्यावरण संरक्षण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि वस्त्र उद्योग से जुड़े लाखों श्रमिकों को सम्मानजनक रोजगार और बेहतर आय उपलब्ध कराना भी सरकार की प्राथमिकता है। भारत का लक्ष्य स्वयं को सतत वस्त्र (Sustainable Textiles) के क्षेत्र में वैश्विक नेतृत्वकर्ता के रूप में स्थापित करना है।
प्रदर्शनी में क्या है खास?
इस वर्ष आयोजित चौथे संस्करण में आगंतुकों को कई अभिनव और पर्यावरण-अनुकूल पहल देखने को मिल रही हैं।
मुख्य आकर्षणों में शामिल हैं—
- अपसाइक्लिंग और रीसाइक्लिंग से तैयार उत्पाद
- वस्त्र अपशिष्ट प्रबंधन पर इंटरएक्टिव इंस्टॉलेशन
- रिपेयर, रीयूज और रीसाइक्लिंग के लाइव प्रदर्शन
- सतत डिज़ाइन और पारंपरिक शिल्प पर कार्यशालाएं
- सर्कुलर फैशन और जिम्मेदार उपभोग पर विशेषज्ञ चर्चा
- शिल्प आधारित नवाचारों की प्रदर्शनी
- युवा उद्यमियों और स्टार्टअप्स की भागीदारी
100 से अधिक प्रतिभागियों की भागीदारी
प्रदर्शनी में देशभर से आए—
- 100+ ब्रांड
- हस्तशिल्प कारीगर
- हथकरघा बुनकर
- डिजाइनर
- स्टार्टअप
- रीसाइक्लिंग कंपनियां
- थ्रिफ्ट कलेक्टिव
- सामाजिक उद्यम
- नवाचार आधारित संस्थान
अपने उत्पादों और तकनीकों का प्रदर्शन कर रहे हैं।
डॉ. एम. बीना ने क्या कहा?
विकास आयुक्त (हथकरघा) डॉ. एम. बीना ने कहा कि Weave the Future अब एक राष्ट्रीय मंच बन चुका है, जो भारत की पारंपरिक हस्तकरघा विरासत को आधुनिक टेक्सटाइल वेस्ट मैनेजमेंट और सर्कुलर डिज़ाइन से जोड़ता है।
उन्होंने कहा कि इस संस्करण में कारीगरों, छात्रों, डिजाइनरों, स्टार्टअप्स और रीसाइक्लिंग उद्योगों की सक्रिय भागीदारी यह दर्शाती है कि देश में सतत उपभोग और संसाधनों के बेहतर उपयोग के प्रति जागरूकता तेजी से बढ़ रही है।
वरिष्ठ अधिकारियों की रही मौजूदगी
प्रदर्शनी के दौरान कई वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे, जिनमें प्रमुख रूप से—
- वस्त्र मंत्रालय की सचिव नीलम शामी राव
- विकास आयुक्त (हथकरघा) डॉ. एम. बीना
- विकास आयुक्त (हस्तशिल्प) अमृत राज
- यूरोपीय संघ के थॉमस मैक्लेनेघन, मंत्री सलाहकार एवं प्रमुख (Sustainable Modernisation)
- वस्त्र मंत्रालय के अन्य वरिष्ठ अधिकारी
शामिल रहे।
क्या है 'Weave the Future'?
Weave the Future भारत सरकार के वस्त्र मंत्रालय के अंतर्गत विकास आयुक्त (हथकरघा) कार्यालय की एक राष्ट्रीय पहल है।
इसका उद्देश्य—
- सतत जीवनशैली को बढ़ावा देना
- वस्त्र अपशिष्ट को कम करना
- अपसाइक्लिंग एवं रीसाइक्लिंग को प्रोत्साहित करना
- पारंपरिक शिल्प को आधुनिक नवाचार से जोड़ना
- पर्यावरण-अनुकूल उत्पादन प्रणाली विकसित करना
- कारीगरों और उद्यमियों के लिए नए अवसर सृजित करना
है।
मुख्य बिंदु
- आयोजन: Weave the Future 4.0 – Upcycling Edition
- तिथि: 12 से 17 जुलाई 2026
- दौरे की तिथि: 13 जुलाई 2026
- स्थान: दिल्ली हाट (INA), नई दिल्ली
- आयोजक: विकास आयुक्त (हथकरघा), वस्त्र मंत्रालय, भारत सरकार
- मुख्य अतिथि: केंद्रीय वस्त्र मंत्री गिरिराज सिंह
- भागीदारी: 100+ ब्रांड, कारीगर, डिजाइनर, स्टार्टअप और रीसाइक्लिंग संस्थान
- मुख्य विषय: Upcycling, Recycling, Repair, Repurposing और Circular Design
निष्कर्ष
'Weave the Future 4.0 – Upcycling Edition' केवल एक प्रदर्शनी नहीं, बल्कि भारत को सतत और पर्यावरण-अनुकूल वस्त्र उद्योग की दिशा में आगे बढ़ाने का राष्ट्रीय अभियान है। यह मंच पारंपरिक हस्तकरघा और हस्तशिल्प को आधुनिक तकनीक एवं नवाचार से जोड़ते हुए कारीगरों, युवाओं, स्टार्टअप्स और उद्योग जगत के लिए नए अवसर प्रदान कर रहा है। सरकार की यह पहल 'वोकल फॉर लोकल', 'सर्कुलर इकोनॉमी' और 'सस्टेनेबल डेवलपमेंट' के लक्ष्यों को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
📌 हाइलाइट बॉक्स
"जैसे-जैसे वस्त्रों की खपत बढ़ रही है, हमें सर्कुलर इकोनॉमी, जिम्मेदार उत्पादन और नवाचार आधारित समाधानों को अपनाना होगा। 'Weave the Future 4.0' यह दिखाता है कि उद्यमिता, नवाचार और सतत विकास मिलकर आर्थिक अवसरों के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण को भी मजबूत कर सकते हैं। भारत सतत वस्त्र उद्योग में वैश्विक नेतृत्व की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।"
— गिरिराज सिंह, केंद्रीय वस्त्र मंत्री



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