रांची | 10 जुलाई 2026
झारखंड सरकार राज्य के कृषि एवं बागवानी उत्पादों को वैश्विक बाजार तक पहुंचाने के लिए निर्यात व्यवस्था को और मजबूत बनाने की दिशा में तेजी से कदम बढ़ा रही है। इसी क्रम में राज्य की कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने शुक्रवार को स्पष्ट किया कि राज्य सरकार झारखंड में कृषि निर्यात को बढ़ावा देने के लिए एक मजबूत, टिकाऊ और समन्वित एक्सपोर्ट इकोसिस्टम (Export Ecosystem)विकसित करेगी, जिससे किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य मिल सके और राज्य की अर्थव्यवस्था को नई गति मिले।
यह बात उन्होंने कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (APEDA) के प्रतिनिधिमंडल के साथ हुई बैठक के दौरान कही। बैठक में झारखंड से कृषि एवं बागवानी उत्पादों के निर्यात की वर्तमान स्थिति, उपलब्धियों और भविष्य की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा की गई।
APEDA प्रतिनिधिमंडल ने रखे महत्वपूर्ण सुझाव
बैठक में APEDA के अधिकारियों ने राज्य सरकार द्वारा निर्यात क्षेत्र में किए जा रहे सहयोग की सराहना की तथा कृषि उत्पादों के निर्यात को और गति देने के लिए कई महत्वपूर्ण सुझाव एवं मांगें प्रस्तुत कीं।
प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि झारखंड में कृषि उत्पादों की गुणवत्ता अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप है और यदि बेहतर लॉजिस्टिक्स, गुणवत्ता परीक्षण, पैकेजिंग तथा आपूर्ति श्रृंखला विकसित की जाए तो राज्य वैश्विक कृषि बाजार में अपनी मजबूत पहचान बना सकता है।
झारखंड के आम की विदेशों में बढ़ी मांग
बैठक में साझा की गई जानकारी के अनुसार, वर्ष 2025 में पूर्वी सिंहभूम और पाकुड़ जिलों से आम (मैंगो) का निर्यात सऊदी अरब के लुलु हाइपरमार्केट्स में प्रचारात्मक गतिविधियों के तहत किया गया था।
वहीं वर्ष 2026 में झारखंड के पूर्वी सिंहभूम, लोहरदगा, सिमडेगा, गुमला और देवघर जिलों से आम का सफलतापूर्वक लंदन, दुबई तथा अन्य अंतरराष्ट्रीय बाजारों में निर्यात किया गया, जिससे राज्य के फलों को वैश्विक पहचान मिलने लगी है।
कई कृषि उत्पादों का हो रहा अंतरराष्ट्रीय निर्यात
बैठक में बताया गया कि झारखंड से हाल के वर्षों में कई कृषि उत्पाद विदेशों में निर्यात किए जा चुके हैं। इनमें प्रमुख रूप से—
- लॉन्ग बीन्स (लंबी फली)
- अरबी (कोलोकैसिया)
- भिंडी
- जिमीकंद (सूरन)
का निर्यात दुबई, कतर, मलेशिया और सिंगापुर जैसे देशों में किया गया है।
इसके अलावा झारखंड का गैर-बासमती चावल लगातार रूस, बेनिन, आइवरी कोस्ट, टोगो सहित कई देशों में निर्यात किया जा रहा है, जिससे राज्य के किसानों को अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंच मिल रही है।
मजबूत एक्सपोर्ट सप्लाई चेन विकसित करने पर जोर
कृषि मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने कहा कि झारखंड में स्थानीय निर्यातकों को प्रोत्साहित करने के लिए एक सुदृढ़ एवं टिकाऊ एक्सपोर्ट सप्लाई चेनविकसित करना समय की आवश्यकता है।
उन्होंने कहा कि ऐसी व्यवस्था तैयार की जाएगी जिससे किसानों के खेतों से लेकर अंतरराष्ट्रीय बाजार तक कृषि उत्पादों की निर्बाध, सुरक्षित और समयबद्ध आपूर्ति सुनिश्चित हो सके। इससे किसानों को बेहतर मूल्य मिलने के साथ-साथ राज्य का कृषि निर्यात भी तेजी से बढ़ेगा।
किसानों, एफपीओ और निर्यातकों के बीच बनेगा समन्वित मॉडल
मंत्री ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि कृषि निर्यात को बढ़ाने के लिए किसानों, किसान उत्पादक संगठनों (FPOs), निर्यातकों, सरकारी विभागों और संबंधित संस्थाओं के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया जाए।
उन्होंने कहा कि उत्पादन, प्रसंस्करण, गुणवत्ता परीक्षण, पैकेजिंग, भंडारण, परिवहन और निर्यात की पूरी प्रक्रिया को एकीकृत करने से झारखंड के कृषि उत्पाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में अधिक प्रतिस्पर्धी बन सकेंगे।
राज्य स्तरीय हितधारक बैठक होगी आयोजित
शिल्पी नेहा तिर्की ने घोषणा की कि जल्द ही उनकी अध्यक्षता में राज्य स्तरीय हितधारक (Stakeholders) बैठक आयोजित की जाएगी।
इस बैठक में APEDA, संबंधित विभागों, संभावित एफपीओ, कृषि वैज्ञानिकों, निर्यातकों और अन्य सभी हितधारकों को आमंत्रित किया जाएगा। बैठक का उद्देश्य झारखंड से कृषि निर्यात को नई दिशा देने तथा किसानों की आय बढ़ाने के लिए एक व्यापक और दीर्घकालिक कार्ययोजना तैयार करना होगा।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में झारखंड की अलग पहचान बनाने की क्षमता
मंत्री ने कहा कि झारखंड के कृषि एवं बागवानी उत्पाद अपनी गुणवत्ता, स्वाद और प्राकृतिक उत्पादन प्रणाली के कारण वैश्विक बाजार में अलग पहचान बनाने की पूरी क्षमता रखते हैं।
उन्होंने विश्वास जताया कि राज्य सरकार किसानों, एफपीओ और निर्यातकों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर झारखंड को कृषि निर्यात के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल करने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करेगी।
बैठक में ये रहे उपस्थित
बैठक में APEDA की ओर से—
- सहायक महाप्रबंधक अंजलि नेहा लकड़ा
- क्षेत्रीय प्रमुख (कोलकाता) सीताकांत मंडल
उपस्थित रहे।
इसके अलावा झारखंड के निर्यातक अब्दुल हमीद खान (ऑल सीज़न्स फार्म फ्रेश) ने भी बैठक में भाग लेकर राज्य के कृषि निर्यात से जुड़े अपने अनुभव साझा किए और निर्यात को बढ़ावा देने के लिए कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए।
मुख्य बातें (Highlights)
- झारखंड सरकार कृषि निर्यात के लिए मजबूत एक्सपोर्ट इकोसिस्टम विकसित करेगी।
- कृषि मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने APEDA प्रतिनिधिमंडल के साथ की बैठक।
- वर्ष 2026 में झारखंड के आम का लंदन और दुबई सहित कई देशों में सफल निर्यात।
- लॉन्ग बीन्स, भिंडी, जिमीकंद और अरबी का भी कई देशों में निर्यात।
- गैर-बासमती चावल का रूस, बेनिन, आइवरी कोस्ट और टोगो सहित कई देशों में निर्यात जारी।
- किसानों, एफपीओ, निर्यातकों और सरकारी विभागों के बीच समन्वित मॉडल विकसित किया जाएगा।
- राज्य स्तरीय हितधारक बैठक आयोजित कर कृषि निर्यात की व्यापक कार्ययोजना तैयार होगी।
Jharkhand Export News, Shilpi Neha Tirkey News, APEDA Jharkhand Meeting, Jharkhand Agriculture Export, Jharkhand Mango Export, Ranchi News Today, Jharkhand Farmers News, FPO Jharkhand, Agriculture Export India, झारखंड कृषि निर्यात, शिल्पी नेहा तिर्की, एपीडा, झारखंड आम निर्यात, रांची समाचार, कृषि समाचार, Jharkhand News Hindi.


कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें