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रविवार, 12 जुलाई 2026

देहरादून में शुरू हुआ 6वां लोक संवर्धन पर्व, 150 से अधिक हस्तशिल्प और फूड स्टॉल बने आकर्षण का केंद्र

 


देहरादून | 11 जुलाई 2026

केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय और उत्तराखंड सरकार के संयुक्त सहयोग से देहरादून के परेड ग्राउंड में 6वें लोक संवर्धन पर्व (Lok Samvardhan Parv 2026) का भव्य शुभारंभ हुआ। पांच दिवसीय इस राष्ट्रीय महोत्सव का उद्घाटन केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री किरेन रिजिजू, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी तथा अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री खजान दास ने किया।

यह पहली बार है जब PM VIKAS (प्रधानमंत्री विरासत का संवर्धन) योजना के अंतर्गत किसी राज्य सरकार की साझेदारी में लोक संवर्धन पर्व आयोजित किया जा रहा है। उत्तराखंड इस आयोजन की मेजबानी करने वाला पहला राज्य बना है।


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'सबका साथ, सबका विकास' विजन को समर्पित आयोजन

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री किरण रिजिजू ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार "सबका साथ, सबका विकास" के मंत्र पर कार्य कर रही है, जिसमें धर्म या समुदाय के आधार पर कोई भेदभाव नहीं किया जाता।

उन्होंने कहा कि लोक संवर्धन पर्व केवल अल्पसंख्यक समुदाय का कार्यक्रम नहीं, बल्कि पूरे भारत की सांस्कृतिक विरासत, पारंपरिक कला और कारीगरों का उत्सव है।


'Vocal for Local' को मिलेगा बढ़ावा

केंद्रीय मंत्री ने नागरिकों से 'Vocal for Local' अभियान को मजबूत करने की अपील करते हुए कहा कि देशवासियों को स्थानीय उत्पाद खरीदकर भारतीय कारीगरों और बुनकरों का समर्थन करना चाहिए।

उन्होंने कहा कि इस प्रदर्शनी में देशभर के हस्तशिल्प, हथकरघा उत्पाद, पारंपरिक कलाकृतियां और क्षेत्रीय व्यंजन प्रदर्शित किए जा रहे हैं, जिससे कारीगरों को राष्ट्रीय स्तर पर नया बाजार मिलेगा।


प्रधानमंत्री की सोच से बढ़ा 'Made in India' पर गर्व

किरण रिजिजू ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आज 'Made in India' उत्पादों पर लोगों का विश्वास और गर्व बढ़ा है।

उन्होंने कहा कि एक समय विदेशी उत्पाद प्रतिष्ठा का प्रतीक माने जाते थे, लेकिन आज लोग भारतीय उत्पादों को प्राथमिकता दे रहे हैं। लोक संवर्धन पर्व इसी बदलती सोच का प्रतीक है।


उत्तराखंड के लिए ऐतिहासिक अवसर: पुष्कर सिंह धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखंड के लिए यह गर्व का विषय है कि पहली बार लोक संवर्धन पर्व की मेजबानी राज्य में हो रही है।

उन्होंने कहा कि इस आयोजन से—

  • उत्तराखंड के युवाओं को देश की समृद्ध हस्तशिल्प परंपरा जानने का अवसर मिलेगा।
  • स्थानीय कारीगरों को राष्ट्रीय मंच मिलेगा।
  • राज्य के पारंपरिक उत्पादों को देशभर में पहचान मिलेगी।

मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार अल्पसंख्यक समुदाय के आर्थिक और सामाजिक सशक्तिकरण के लिए कई योजनाएं चला रही है।


छात्रवृत्ति और स्वरोजगार योजनाओं पर जोर

मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार—

  • आर्थिक रूप से कमजोर अल्पसंख्यक छात्रों को कक्षा 1 से पीएचडी तक छात्रवृत्ति प्रदान कर रही है।
  • प्रधानमंत्री जन विकास कार्यक्रम के तहत अल्पसंख्यक बहुल क्षेत्रों में विकास कार्य कराए जा रहे हैं।
  • मुख्यमंत्री हुनर योजना के तहत पात्र लाभार्थियों को 20 लाख रुपये तक का ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है।
  • House of Himalayas और One District Two Products जैसी योजनाओं के माध्यम से स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाया जा रहा है।

150 से अधिक स्टॉल बने आकर्षण

लोक संवर्धन पर्व में लगभग 150 प्रदर्शनी स्टॉल लगाए गए हैं।

इनमें शामिल हैं—

  • उत्तराखंड के हस्तशिल्प
  • हथकरघा वस्त्र
  • अजरख ब्लॉक प्रिंट
  • लाख की चूड़ियां
  • लकड़ी की कलाकृतियां
  • पीतल शिल्प
  • टेराकोटा उत्पाद
  • बांस एवं बेंत से बने उत्पाद
  • पारंपरिक वस्त्र
  • विभिन्न राज्यों की लोक कलाएं

इनमें से लगभग 40 प्रतिशत स्टॉल उत्तराखंड के स्थानीय कारीगरों को समर्पित हैं।


महिला कारीगरों की मजबूत भागीदारी

अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय के सचिव डॉ. श्रीवत्स कृष्णा ने बताया कि इस संस्करण में लगभग 150 कारीगर भाग ले रहे हैं, जिनमें करीब 90 महिला कारीगर शामिल हैं।

उन्होंने कहा कि यह आयोजन नारी शक्ति, पारंपरिक कला और स्वरोजगार को बढ़ावा देने का महत्वपूर्ण माध्यम बन रहा है।


सांस्कृतिक कार्यक्रम भी होंगे आकर्षण

11 से 15 जुलाई तक चलने वाले इस महोत्सव में प्रसिद्ध कलाकारों की प्रस्तुतियां भी होंगी, जिनमें—

  • ज्योति नूरन
  • किशन महिपाल
  • विवेक नौटियाल
  • माया उपाध्याय
  • पांडवास
  • परमिश वर्मा

शामिल हैं।

इसके साथ ही उत्तराखंड के गढ़वाली, कुमाऊंनी और पहाड़ी व्यंजनों सहित देशभर के पारंपरिक खाद्य पदार्थों का भी स्वाद लिया जा सकेगा।


लाइव क्राफ्ट डेमो और बिजनेस नेटवर्किंग

महोत्सव के दौरान आगंतुकों को—

  • लाइव हस्तशिल्प प्रदर्शन
  • Buyer-Seller Meet
  • उद्यमिता प्रशिक्षण
  • डिजिटल मार्केटिंग सत्र

में भाग लेने का अवसर मिलेगा, जिससे कारीगरों और उद्यमियों को नए बाजार और व्यापारिक अवसर प्राप्त होंगे।


2024 से अब तक 550 से अधिक कारीगरों को मिला लाभ

अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय के अनुसार, 2024 में शुरुआत के बाद अब तक लोक संवर्धन पर्व के पांच संस्करण आयोजित किए जा चुके हैं।

इन आयोजनों के माध्यम से 550 से अधिक कारीगरों, बुनकरों और पारंपरिक खाद्य विशेषज्ञों को राष्ट्रीय स्तर पर अपने उत्पादों की प्रदर्शनी और विपणन का अवसर मिला है।


मुख्य बातें (Highlights)

  • देहरादून में 6वें लोक संवर्धन पर्व का शुभारंभ।
  • केंद्रीय मंत्री किरण रिजिजू और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने किया उद्घाटन।
  • PM VIKAS योजना के तहत पहली बार किसी राज्य सरकार के साथ आयोजन।
  • 150 से अधिक हस्तशिल्प एवं फूड स्टॉल लगाए गए।
  • लगभग 90 महिला कारीगर भी भाग ले रही हैं।
  • 'Vocal for Local' और 'Made in India' को बढ़ावा देने पर जोर।
  • 11 से 15 जुलाई 2026 तक सुबह 11:30 बजे से रात 9:00 बजे तक आम जनता के लिए खुला रहेगा।

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