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सोमवार, 24 अगस्त 2026

छाताबाद भू-धंसान प्रभावितों और BCCL के बीच बनी सहमति, IIT-ISM करेगा डेंजर जोन का सर्वे

 

धनबाद के छाताबाद भू-धंसान प्रभावित परिवारों, BCCL और JRDA के बीच पुनर्वास को लेकर बैठक

धनबाद, 24 अगस्त 2026: छाताबाद में लगातार सामने आ रही भू-धंसान की घटनाओं के बीच प्रभावित परिवारों, भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (BCCL) और झरिया पुनर्वास एवं विकास प्राधिकरण (JRDA) के बीच अहम बैठक हुई। सर्किट हाउस में करीब चार घंटे चली बैठक की अध्यक्षता झारखंड सरकार के मंत्री हफीजुल हसन ने की, जबकि टुंडी विधायक मथुरा प्रसाद महतो मौजूद रहे।

बैठक में प्रभावित परिवारों की सुरक्षा, पुनर्वास, मुआवजा और चिकित्सा सहायता समेत कई मुद्दों पर चर्चा हुई। जिला जनसंपर्क कार्यालय की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, बैठक के अंत में सभी पक्षों के बीच कई बिंदुओं पर सहमति बनी और बैठक सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न हुई।

IIT-ISM करेगा भू-धंसान क्षेत्र का सर्वे

बैठक में प्रभावित परिवारों की मांग पर IIT-ISM धनबाद से भू-धंसान प्रभावित क्षेत्र का सर्वेक्षण कराने पर सहमति बनी। सर्वे के माध्यम से डेंजर जोन का सीमांकन किया जाएगा और इसकी रिपोर्ट एक महीने के भीतर उपलब्ध कराने की बात कही गई।

इस सर्वे में केवल प्रभावित जमीन ही नहीं, बल्कि आसपास मौजूद मस्जिद, मदरसा, ईदगाह और स्कूल को भी शामिल करने पर सहमति बनी है। इससे संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान कर आगे की सुरक्षा और पुनर्वास योजना तैयार करने में मदद मिलने की उम्मीद है।

घायलों को चिकित्सा सहायता और सुरक्षा व्यवस्था पर जोर

बैठक में भू-धंसान की घटना में घायल लोगों को आवश्यक चिकित्सकीय सहायता और सुविधाएं उपलब्ध कराने पर भी सहमति बनी। इसके साथ ही खनन कार्य के दौरान सुरक्षा और ब्लास्टिंग से जुड़े नियमों का पालन सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।

घटनास्थल के आसपास बैरिकेडिंग और पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था करने का भी निर्णय लिया गया, ताकि लोगों को संवेदनशील क्षेत्र में जाने से रोका जा सके और दुर्घटना की आशंका कम की जा सके।

भू-धंसान और अग्नि प्रभावित क्षेत्र में बनेगा इमरजेंसी रिस्पांस सिस्टम

मंत्री हफीजुल हसन ने भू-धंसान एवं अग्नि प्रभावित क्षेत्र के आसपास इमरजेंसी रिस्पांस सिस्टम तैयार करने का निर्देश दिया। इसका उद्देश्य किसी भी आपात स्थिति में तत्काल राहत और बचाव की कार्रवाई सुनिश्चित करना है।

मंत्री ने कहा कि वे मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के निर्देश पर उनके प्रतिनिधि के रूप में छाताबाद पहुंचे हैं। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री ने भू-धंसान की घटना पर चिंता जताई है और राज्य सरकार के लिए भू-धंसान एवं डेंजर जोन में रहने वाले लोगों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।

BCCL के पास शिफ्टिंग के लिए 20-21 साइट तैयार

बैठक में BCCL की ओर से बताया गया कि प्रभावित परिवारों की शिफ्टिंग के लिए बेलगड़िया के अलावा 20-21 अन्य साइट तैयार रखी गई हैं।

वहीं, उप विकास आयुक्त ने कहा कि डेंजर जोन में रहने वाले लोगों को कई बार बस से बेलगड़िया का भ्रमण कराया गया है। उनके अनुसार, भ्रमण के दौरान लोग वहां रहने के लिए सहमति जताते हैं, लेकिन वापस लौटने के बाद शिफ्टिंग के लिए तैयार नहीं होते।

प्रशासन के अनुसार, बेलगड़िया में पानी, बिजली, सड़क, स्कूल, कॉलेज और स्वास्थ्य केंद्र जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। विस्थापित परिवारों के रोजगार के लिए भी विभिन्न योजनाओं पर काम चल रहा है।

छाताबाद में भू-धंसान की घटनाओं को लेकर पिछले कुछ सप्ताह से प्रभावित परिवारों के पुनर्वास और मुआवजे का मुद्दा लगातार चर्चा में है। हालिया रिपोर्टों में भी क्षेत्र में बार-बार भू-धंसान और सुरक्षित पुनर्वास की मांग का उल्लेख किया गया है।

धनबाद के छाताबाद भू-धंसान प्रभावित परिवारों, BCCL और JRDA के बीच पुनर्वास को लेकर बैठक

बैठक में कई प्रमुख अधिकारी और प्रतिनिधि रहे मौजूद

बैठक में उप विकास आयुक्त सन्नी राज, अनुमंडल दंडाधिकारी लोकेश बारंगे, ग्रामीण एसपी एस. मोहम्मद याकूब, BCCL के सीएमडी मनोज कुमार अग्रवाल, निदेशक (मानव संसाधन) मुरली कृष्ण रमैया, निदेशक संजय कुमार सिंह, वार्ड 32 छाताबाद के पार्षद मोहम्मद शाहबुद्दीन, चंद्रशेखर अग्रवाल, मन्नु आलम समेत JRDA, BCCL के अधिकारी और छाताबाद के नागरिक मौजूद रहे।

छाताबाद में अब आगे क्या होगा?

बैठक में बनी सहमति के बाद सबसे महत्वपूर्ण कदम IIT-ISM द्वारा डेंजर जोन का वैज्ञानिक सर्वे और सीमांकन माना जा रहा है। रिपोर्ट आने के बाद संवेदनशील क्षेत्रों की स्थिति और प्रभावित परिवारों के सुरक्षित पुनर्वास को लेकर आगे की कार्रवाई का रास्ता और स्पष्ट हो सकेगा।

फिलहाल प्रशासन और BCCL के सामने सबसे बड़ी चुनौती प्रभावित परिवारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ-साथ उन्हें सुरक्षित स्थान पर पुनर्वासित करना है। वहीं, प्रभावित परिवारों की समस्याओं के स्थायी समाधान के लिए मुआवजा, चिकित्सा सहायता और रोजगार जैसे मुद्दे भी महत्वपूर्ण बने हुए हैं।

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