News File | चाईबासा | 17 जुलाई 2026
झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) द्वारा आयोजित झारखंड क्षेत्रीय कार्यकर्ता प्रतियोगिता परीक्षा-2024 के सफल, शांतिपूर्ण और कदाचारमुक्त आयोजन को लेकर पश्चिमी सिंहभूम जिला प्रशासन ने अपनी तैयारियां पूरी कर ली हैं। 19 जुलाई 2026 को होने वाली इस महत्वपूर्ण परीक्षा के लिए जिले में 27 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, जहां 10,396 अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल होंगे।
शुक्रवार को कोल्हान विश्वविद्यालय, चाईबासा के ऑडिटोरियम में जिला दंडाधिकारी-सह-उपायुक्त मनीष कुमार और पुलिस अधीक्षक अमित रेणु की संयुक्त अध्यक्षता में प्रतिनियुक्त दंडाधिकारियों, पुलिस पदाधिकारियों, परीक्षा केंद्र अधीक्षकों और जिला स्तरीय अधिकारियों की संयुक्त ब्रीफिंग आयोजित की गई। बैठक में परीक्षा संचालन से जुड़े सभी अधिकारियों को आयोग की गाइडलाइन और मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) की विस्तृत जानकारी दी गई।
27 परीक्षा केंद्रों पर होगी परीक्षा
जिला प्रशासन के अनुसार, पश्चिमी सिंहभूम में परीक्षा का आयोजन कुल 27 परीक्षा केंद्रों पर किया जाएगा। इनमें चाईबासा में 19 और चक्रधरपुर में 8 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। इन केंद्रों पर कुल 10,396 अभ्यर्थी परीक्षा देंगे।
परीक्षा तीन पालियों में आयोजित होगी—
- प्रथम पाली: सुबह 8:30 बजे
- द्वितीय पाली: पूर्वाह्न 11:30 बजे
- तृतीय पाली: अपराह्न 3:30 बजे
पहली और दूसरी पाली के लिए अभ्यर्थियों का प्रवेश सुबह 7:00 बजे से 8:00 बजे तक होगा, जबकि तीसरी पाली के लिए प्रवेश दोपहर 2:00 बजे से 3:00 बजे तक निर्धारित किया गया है। निर्धारित समय के बाद किसी भी अभ्यर्थी को परीक्षा केंद्र में प्रवेश नहीं मिलेगा।
परीक्षा केंद्रों पर रहेगी कड़ी सुरक्षा
ब्रीफिंग के दौरान अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि सभी परीक्षा केंद्रों पर अभ्यर्थियों की सघन जांच, पहचान सत्यापन, बायोमेट्रिक उपस्थिति, समयबद्ध प्रवेश, परीक्षा सामग्री की सुरक्षा तथा गोपनीयता सुनिश्चित की जाए।
सभी केंद्र अधीक्षकों और दंडाधिकारियों को परीक्षा शुरू होने से पहले प्रत्येक व्यवस्था का भौतिक सत्यापन करने और किसी भी कमी की सूचना तत्काल जिला नियंत्रण कक्ष को देने के निर्देश दिए गए।
अभ्यर्थियों की सुविधा के लिए विशेष इंतजाम
जिला प्रशासन ने सभी परीक्षा केंद्रों पर आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। इनमें—
- चिकित्सा दल की प्रतिनियुक्ति
- एम्बुलेंस की उपलब्धता
- स्वच्छ पेयजल
- साफ-सुथरे शौचालय
- निर्बाध बिजली आपूर्ति
- पर्याप्त बैठने की व्यवस्था
- अग्निशमन सुरक्षा
- आकस्मिक परिस्थितियों से निपटने की तैयारी
जैसी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया है।
उपायुक्त बोले- परीक्षा की पारदर्शिता सर्वोच्च प्राथमिकता
उपायुक्त मनीष कुमार ने कहा कि यह परीक्षा हजारों युवाओं के भविष्य से जुड़ी हुई है। इसलिए इसकी पारदर्शिता, निष्पक्षता और विश्वसनीयता बनाए रखना जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
उन्होंने सभी अधिकारियों को आयोग के प्रत्येक दिशा-निर्देश का अक्षरशः पालन करने, समय से पहले परीक्षा केंद्र पहुंचने तथा परीक्षा समाप्त होने तक पूरी जिम्मेदारी और सतर्कता के साथ ड्यूटी निभाने का निर्देश दिया।
उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी स्तर पर लापरवाही या नियमों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
पुलिस अधीक्षक ने दिए सख्त निर्देश
पुलिस अधीक्षक अमित रेणु ने सभी पुलिस अधिकारियों को परीक्षा केंद्रों और आसपास के क्षेत्रों में मजबूत सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि परीक्षा के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने, भीड़ नियंत्रण और यातायात प्रबंधन पर विशेष ध्यान दिया जाए।
उन्होंने स्पष्ट किया कि परीक्षा में नकल, इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का अवैध उपयोग या किसी भी प्रकार की कदाचारपूर्ण गतिविधि में शामिल पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ कानून के अनुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
अभ्यर्थियों के लिए जिला प्रशासन की अपील
जिला प्रशासन ने सभी अभ्यर्थियों से अपील की है कि वे—
- प्रवेश पत्र एवं वैध पहचान पत्र साथ लेकर आएं।
- निर्धारित समय से पहले परीक्षा केंद्र पहुंचें।
- आयोग द्वारा जारी सभी दिशा-निर्देशों का पालन करें।
- किसी भी प्रकार की प्रतिबंधित सामग्री परीक्षा केंद्र में लेकर न आएं।
- अनुशासन बनाए रखें और प्रशासन का सहयोग करें।
प्रशासन का उद्देश्य परीक्षा का आयोजन पूरी तरह स्वच्छ, निष्पक्ष और कदाचारमुक्त वातावरण में संपन्न कराना है।
News File Fact Check
यह समाचार 17 जुलाई 2026 को सूचना एवं जनसंपर्क कार्यालय, पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति संख्या-958/2026 पर आधारित है। इसमें प्रकाशित सभी तथ्य आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार प्रस्तुत किए गए हैं।




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