रांची | 16 जुलाई 2026
झारखंड के गुमला जिले में 14 वर्षीय छात्रा शिवानी लोहरा की मौत के बाद राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। झारखंड विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और भाजपा के वरिष्ठ नेता बाबूलाल मरांडी ने राज्य सरकार और स्वास्थ्य विभाग पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि समय पर एंबुलेंस, ऑक्सीजन और उपचार नहीं मिलने के कारण एक होनहार बच्ची की जान चली गई।
बाबूलाल मरांडी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए कहा कि गुमला जिले के चैनपुर प्रखंड के प्रेमनगर की रहने वाली 14 वर्षीय शिवानी लोहरा की मृत्यु स्वास्थ्य सेवाओं की लापरवाही का परिणाम है।
पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी ने लगाए ये आरोप
बाबूलाल मरांडी के अनुसार,
- समय पर एंबुलेंस उपलब्ध नहीं हो सकी।
- सरकारी एंबुलेंस को धक्का लगाने के बावजूद वह चालू नहीं हुई।
- समय पर डॉक्टर उपलब्ध नहीं थे।
- आवश्यक ऑक्सीजन और इलाज नहीं मिल पाया।
- इन परिस्थितियों के कारण छात्रा की असमय मृत्यु हो गई।
उन्होंने कहा कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के बजाय विभाग का ध्यान ठेका और कमीशन आधारित कार्यप्रणाली पर केंद्रित दिखाई देता है।
स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी पर भी साधा निशाना
बाबूलाल मरांडी ने अपने बयान में स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी का नाम लेते हुए कहा कि स्वास्थ्य विभाग की कथित अव्यवस्था और लापरवाही की कीमत आम जनता अपनी जान देकर चुका रही है।
उन्होंने सवाल उठाया कि जब लोगों को एंबुलेंस, ऑक्सीजन और समय पर उपचार जैसी बुनियादी सुविधाएं भी उपलब्ध नहीं हो पा रही हैं, तब सरकार RIMS-2 के लिए आदिवासी भूमि अधिग्रहण को किस आधार पर उचित ठहरा रही है।
सरकार की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार
समाचार लिखे जाने तक राज्य सरकार या स्वास्थ्य विभाग की ओर से बाबूलाल मरांडी के आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। यदि सरकार की ओर से कोई बयान जारी किया जाता है, तो उसे भी समाचार में शामिल किया जाएगा।
स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर फिर उठे सवाल
इस घटना के बाद ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं, आपातकालीन एंबुलेंस व्यवस्था, ऑक्सीजन उपलब्धता और सरकारी अस्पतालों की तैयारियों को लेकर एक बार फिर सवाल उठने लगे हैं। विपक्ष ने मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है।
नोट: यह समाचार पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी द्वारा सोशल मीडिया पर लगाए गए आरोपों और उपलब्ध सार्वजनिक जानकारी पर आधारित है। इन आरोपों पर सरकार या स्वास्थ्य विभाग की आधिकारिक प्रतिक्रिया प्राप्त होने पर समाचार को अद्यतन किया जा सकता है।


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